Min menu

Pages

NCERT Solutions class 12 Core hindi आरोह Chapter 16 - रजिया सज्जाद जहीर

NCERT Solutions class 12 Core hindi आरोह Chapter 16 -रजिया सज्जाद जहीर

NCERT Solutions Class 12 Core Hindi Aroh 12 वीं कक्षा से Chapter 16 रजिया सज्जाद जहीर के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे। यह अध्याय आपको मूल बातें सीखने में मदद करेगा और आपको इस अध्याय से अपनी परीक्षा में कम से कम एक प्रश्न की उम्मीद करनी चाहिए। 

हमने NCERT बोर्ड की टेक्सटबुक्स हिंदी आरोह के सभी Questions के जवाब बड़ी ही आसान भाषा में दिए हैं जिनको समझना और याद करना Students के लिए बहुत आसान रहेगा जिस से आप अपनी परीक्षा में अच्छे नंबर से पास हो सके।
Solutions class 12 Core hindi आरोह Chapter 16 - रजिया सज्जाद जहीर


CBSE CLASS 12 हिंदी कोर 

NCERT SOLUTION

आरोह पाठ-16 रजिया सज्जाद जहीर

1. सफ़िया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से क्यों मना कर दिया?

उत्तर:- सफ़िया अपने घरवालों से मिलने के लिए लाहौर गई थी तब वहाँ से लौटते हुए सौगात के रूप में सिख बीबी के लिए उनकी इच्छानुसार नमक लाने के लिए भाई से सहयोग माँगा किन्तु सफ़िया के भाई ने नमक की पुड़िया ले जाने से निम्न कारणों से मना किया -

1. हिन्दुस्तान में नमक की कोई कमी नहीं है।

2. कस्टम के किसी अधिकारी ने पकड़ लिया तो वे उनके सारे सामान की चिंदी-चिंदी कर देगें और इससे उनकी बदनामी के साथ देश का नाम भी बदनाम होगा।

3. पाकिस्तान के कानून के हिसाब से नमक के आयात पर प्रतिबंध था। ऐसा करना गैरकानूनी था।

2. नमक की पुड़िया ले जाने के संबंध में सफ़िया के मन में क्या द्वंद्व था?

उत्तर:- नमक की पुड़िया ले जाने के संबंध में सफ़िया के मन में भयंकर द्वंद्व चल रहा था। वह यह नहीं समझ पा रही थी कि प्यार के तोहफे के रूप में इस नमक की पुड़िया को चोरी-छिपे ले जाए या कस्टम अधिकारियों को दिखाकर ले जाए।

3. जब सफ़िया अमृतसर पुल पर चढ़ रही थी तो कस्टम ऑफिसर निचली सीढ़ी के पास सिर झुकाए चुपचाप क्यों खड़े थे?

उत्तर:- जब सफिया अमृतसर पुल पर चढ़ रही थी तो कस्टम ऑफिसर निचली सीढ़ी के पास सिर झुकाए चुपचाप खड़े थे क्योंकि ऑफिसर सफ़िया की देश प्रेम-भावना से प्रभावित हो गए थे उन्हें महसूस हो रहा था कि आप कहीं भी क्यों न चले जाएँ अपना वतन याद आ ही जाता है और इस समय सिख बीबी का प्रसंग छिड़ने पर ऑफिसर को भी उसके वतन ढाका की याद आ गई थी। आज भी उनकी मनःस्थिति सिख बीबी की तरह ही है,याद आते ही वे द्रवित हो उठते है।

4. लाहौर अभी तक उनका वतन है और देहली मेरा या मेरा वतन ढाका है जैसे उद्गार किस सामाजिक यथार्थ का संकेत करते हैं।

उत्तर:- ऑफिसर के ये उद्गार समाज के इस कटु यथार्थ को प्रस्तुत करते हैं कि देश की सीमाएँ मनों को विभाजित नहीं कर सकती हैं।प्रेम को किसी बंधन में बाँधा नहीं जा सकता। राजनैतिक स्तर पर भले ही हम विस्थापित हो जाते हैं परंतु भावनात्मक लगाव तो अपनी मातृभूमि से बना ही रहता है और हम चाहे जहाँ भी रहें अपनी अन्तिम साँस अपनी मातृभूमि की गोद में ही लेना चाहते हैं।

5. नमक ले जाने के बारे में सफ़िया के मन में उठे द्वंद्वों के आधार पर उसकी चारित्रिक विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- नमक ले जाने के बारे में सफ़िया के मन में उठे द्वंद्वों के आधार पर उसकी चारित्रिक विशेषताएँ निम्न हैं -

1. भावुक व मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि मानने वाली-सफ़िया भावुक महिला है। वह सिख बीबी की भावनाओं की कद्र करती है

इसलिए वह किसी भी तरह उनके लिए लाहौरी नमक को भारत ले जाना चाहती है। उसने नमक लाने से बचने के लिए जरा भी नहीं सोचा। उसने तय किया कि वह प्रेम की इस भेंट को चोरी से नहीं ले जाएगी बल्कि वह कस्टम अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रख कर उनकी सहमति से ले कर आएगी।

2. ईमानदार-सफ़िया ईमानदार भी है जब सफ़िया को यह पता चलता है कि पाकिस्तान से भारत नमक ले जाना गैरकानूनी है उसने

तय किया कि प्रेम की इस भेंट को वह चोरी से नहीं ले जाएगी।

3. दृढ़निश्चयी-सफ़िया का स्वभाव दृढ निश्चयी है। वह किसी भी कीमत पर लाहौरी नमक को भारत ले जाना चाहती है इसलिए वह सही गलत सभी तरीकों पर विचार करती है।

4. निडर-सफ़िया निडर भी है। यह जानते हुए भी कि नमक ले जाना गैरकानूनी है वह बिना झिझके कस्टम वालों के सामने नमक की पुड़िया रख देती है।

5. वायदे को निभाने वाली-सफ़िया सैयद है। सैयद होने के नाते वह अपने किये वायदे को किसी भी कीमत पर पूरा करना चाहती है।

6. मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं जाती है - उचित तर्कों व उदाहरणों के जरिए इसकी पुष्टि करें।

उत्तर:- राजनीतिक कारणों से मानचित्र पर लकीर खींचकर देश को दो भागों में बाँटकर ज़मीन और जनता को अलग देश का दर्जा तो प्राप्त हो जाता है परंतु यह अलगाव जनता को भावनात्मक तौर पर अपने वतन से अलग नहीं कर पाता। पाकिस्तानी, भारतीय कस्टमअधिकारी और सिख बीबी क्रमशः देहली, ढाका और लाहौर को आज भी अपना वतन मानते हैं। पुरानी यादें हर समय उन्हें घेरे रहती है। आज भी वे अपने वतन की सामान्य चीजों से बेहद लगाव रखते हैं। इसी वजह से सिख बीबी 'नमक' जैसी साधारण चीज वहाँ से लाने की बात करती हैं इसलिए हम कह सकते हैं कि मानचित्र पर एक लकीर खींच देने भर से ज़मीन और जनता बँट नहीं सकती है।

7. नमक कहानी में भारत व पाक की जनता के आरोपित भेदभावों के बीच मुहब्बत का नमकीन स्वाद घुला हुआ है, कैसे?

उत्तर:- भले ही राजनीतिक और धार्मिक आधार पर भारत और पाकिस्तान को भौगोलिक रूप से विभाजित कर दिया गया हो लेकिन दोनों देशों के लोगों के हृदय में आज भी पारस्परिक भाईचारा, सौहार्द्र, स्नेह और सहानुभूति की भावना विद्यमान है।अमृतसर में रहने वाली सिख बीबी लाहौर को अपना वतन कहती है और लाहौरी नमक का स्वाद भुला नहीं पाती। पाकिस्तान का कस्टम अधिकारी उनकी भावना का सम्मान करते हुए नमक की पुड़िया सफ़िया को वापस देते हुए कहता है "जामा मस्जिद की सीढ़ियों को मेरा सलाम कहना।" भारतीय सीमा पर तैनात कस्टम अधिकारी ढाका की जमीन और वहाँ के पानी का स्वाद भूला नहीं पाता। अत: हम कह सकते हैं कि राजनीतिक तौर पर भले ही संबंध तनावपूर्ण हों पर सामाजिक और मानसिक तौर पर आज भी भारत-पाक जनता के बीच मुहब्बत का नमकीन स्वाद घुला हुआ है।

8.क्यों कहा गया?

1. क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं, कुछ मुहब्बत, मुरौवत, आदमियत, इंसानियत के नहीं होते?


कि क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं, कुछ मुहब्बत, मुरौवत,आदमियत, इंसानियत के नहीं होते।

2. भावना के स्थान पर बुद्धि धीरे-धीरे उस पर हावी हो रही थी।

उत्तर:- भावनाओं से अभिभूत होने के कारण सफिया अपने भाई से नमक ले जाने के लिए तर्क-वितर्क कर रही थी परंतु जब सफ़िया का आक्रोश शांत होता है तब वह सोच विचार कर बुद्धिमता पूर्वक नमक ले जाने के विषय में सोचने लगी।

3. मुहब्बत तो कस्टम से इस तरह गुजर जाती है कि कानून हैरान रह जाता है।

उत्तर:- पाकिस्तानी कस्टम अधिकारी सफ़िया से कहता है कि मुहब्बत के आगे तो कस्टम भी लाचार है। मुहब्बत के सामने सारे कानून निष्प्रभावी हो जाते हैं। कस्टम अधिकारी स्वयं अपने हाथ से नमक की पुड़िया सफिया के बैग में रखते हुए उपर्युक तर्क देता है।

4. हमारी ज़मीन हमारे पानी का मजा ही कुछ और है!

सफ़िया की लाहौरी नमक वाली बात सुनकर भारतीय कस्टम अधिकारी भावुक हो उठा और उसे अपने वतन की याद आने लगी और इसी भावुकता में उसने उपर्युक्त वाक्य कहा।अपने वतन की याद करते हुए उसने सिख बीबी की इच्छा का सम्मान किया।

9. समझाइए तो जरा

1. फिर पलकों से कुछ सितारे टूटकर दूधिया आँचल में समा जाते हैं।

उत्तर:- लाहौर की बातचीत करते हुए सिख बीबी इतनी भावुक हो उठी कि वतन की याद आते ही उनकी आँखों से आँसू निकलकर उनके सफ़ेद मलमल के दुपट्टे पर टपक पड़े और लुप्त हो गए।

2. किसका वतन कहाँ है - वह जो कस्टम के इस तरफ़ है या उस तरफ़।

उत्तर:- भारत लौटते समय सफ़िया अमृतसर के पुल पर चढ़ती हुई यह सोच रही है कि पाक कस्टम अफसर दिल्ली को तथा भारतीय कस्टम अफसर ढाका को अपना वतन बताता है जबकि ये दोनों ही अलग देशों में रहते हैं। इनके मन अपनी-अपनी जन्मभूमि की यादों में पर उनका कार्यक्षेत्र व निवास कहीं और है।उनमें कहीं कोई सामंजस्य नहीं है।

•पाठ के आसपास

1. 'नमक' कहानी में हिन्दुस्तान-पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं, संवेदनाओं को उभारा गया है। वर्तमान संदर्भ में इन संवेदनाओं की स्थिति को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- 'नमक' कहानी में हिन्दुस्तान-पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं, संवेदनाओं को उभारा गया है। आज के संदर्भ में स्थिति में काफी परिवर्तन आ चुका है विभाजन के समय वाली पीढ़ी अब समाप्त हो चुकी है अब उसका स्थान उस पीढ़ी ने ले लिया है जिसका जन्म इसी देश में हुआ है। उनके जेहन में विभाजन की कड़वी यादें न के बराबर है इसलिए अब भावनात्मक तौर पर दोनों देशों में लगाव पहले की तुलना में घट गया है परन्तु वर्तमान में देश के राजनैतिक ,सामाजिक,सांस्कृतिक आदि के तौर पर अभी दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है।निजी स्वार्थों की आड़ में लोग अपना मतलब साध रहे हैं और निर्दोषों को उसका दण्ड भुगतना पड़ता है, इसलिए आज संबंधों में मधुरता लाने के लिए सार्थक प्रयासों की आवश्यकता है।

2. सफ़िया की मनःस्थिति को कहानी में एक विशिष्ट संदर्भ में अलग तरह से स्पष्ट किया गया है। अगर आप सफ़िया की जगह होते होती तो क्या आपकी मनःस्थिति भी वैसी ही होती? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- सफ़िया की और मेरी मन:स्थिति में खास अंतर न होता, मैं सीधे तौर पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर देता और सफ़िया की तरह ही मैं भी अपनी माँ के लिए लाहौरी नमक लाने का हरसंभव प्रयास करता तथा दूसरों की इच्छा का सम्मान करता।

3. भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए दोनों सरकारें प्रयासरत हैं। व्यक्तिगत तौर पर आप इसमें क्या योगदान दे सकते/सकती हैं?

उत्तर:- भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए सरकारें व्यापक स्तर पर प्रयास करती हैं लेकिन व्यक्तिगत तौर पर हमें भी छोटे-छोटे प्रयास करने चाहिए जैसे:-

1. पिछली सभी कड़वी बातों को भुलाने का प्रयास करूँगा।

2. जहाँ तक हो सके मैं पाकिस्तान देश की आलोचना करने से अपने आप को रोकने का प्रयास करूँगा

3. देश में आए पाकिस्तानी नागरिक को इतना मान-सम्मान दूंगा जिससे कि वह भारत देश की मीठी यादें लेकर अपने देश जाए।

4. सांस्कृतिक और खेल कूद के स्तर पर आई वहाँ की टीमों का तहे दिल से स्वागत करूँगा।

5. सूचना क्रांति के इस युग में इंटरनेट का प्रयोग कर पाकिस्तान में अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाने का प्रयास करूंगा।

4. लेखिका ने विभाजन से उपजी विस्थापन की समस्या का चित्रण करते हुए सफ़िया व सिख बीबी के माध्यम से यह भी परोक्ष रूप से संकेत किया है कि इसमें भी विवाह की रीति के कारण स्त्री सबसे अधिक विस्थापित है। क्या आप इससे सहमत हैं?

उत्तर:- प्रस्तुत पाठ में सीधे शब्दों में विवाह के कारण सफ़िया और सिख बीबी का विस्थापन नहीं दर्शाया गया है परंतु यह सच है कि स्त्रियों को अपने विवाह के कारण विरथापन का दर्द झेलना पड़ता है।मैं इससे सहमत हूँ और उनके इस प्रेम-त्याग की सराहना करता हूँ।

5. विभाजन के अनेक स्वरूपों में बँटी जनता को मिलाने की अनेक भूमिकाब हो सकती हैं - रक्त संबंध, विज्ञान, साहित्य व कला। इनमें से कौन सबसे ताकतवर है और क्यों?

उत्तर:- रक्त संबंध, विज्ञान, साहित्य व कला इनमें से सबसे ताकतवर साहित्य व कला संबंध है। इसके जरिए हम दोनों देशों में उपजी कड़वाहट को कम कर सकते हैं क्योंकि साहित्य और कला का क्षेत्र विस्तृत होता है। साहित्यकार और कलाकार देश, धर्म, जाति, भाषा आदि के दायरे से ऊपर उठकर पूरी मानवता के बारे में सोचते हैं। उन्हें किसी बंधन में बाँधा नहीं जा सकता।

• आपकी राय

1. मान लीजिए आप अपने मित्र के पास विदेश जा रहे/रही हैं। आप सौगात के तौर पर भारत की कौन-सी चीज़ ले जाना पसंद करेंगे। करेंगी और क्यों?

उत्तर:- सौगात के तौर पर मैं अपने मित्र के लिए यहाँ की कुछ प्रसिद्ध नमकीन ,मिठाईयाँ, कलाकृति ,हस्तशिल्प आदि ले जाना पसंद करूँगा क्योंकि मैं इन वस्तुओं के जरिए अपनी भारत देश की उच्च संस्कृति से उसे परिचित करवाना चाहूँगा।

• भाषा की बात
1. नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान से पढ़िए -
(क) हमारा वतन तो जी लाहौर ही है।
(ख) क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं?
सामान्यतः 'ही' निपात का प्रयोग किसी बात पर बल देने के लिए किया जाता है। ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में 'ही' के प्रयोग से अर्थ में क्या परिवर्तन आया है? स्पष्ट कीजिए। 'ही' का प्रयोग करते हुए दोनों तरह के अर्थ वाले पाँच-पाँच वाक्य बनाइए।
क’ वाक्य में ‘ही’ के प्रयोग से यह परिवर्तन आया है कि हमारा वतन तो लाहौर है, अन्य नहीं। भले ही भारत में कोठी बनाकर रह रहे हैं किंतु वतन लाहौर है। ‘ख’ वाक्य में ‘ही’ के प्रयोग से यह परिवर्तन आया कि हुकूमत के कानून से भी परे कुछ अन्य नियम होते हैं जिनकी महत्ता हुकूमत के कानून से भी अधिक है।
 वाक्य
1. मुझे तो रसमलाई ही खानी है।
2. मुझे कानपूर ही जाना है
3. विद्यालय तो आपका ही अच्छा है।
4. उसकी कार काली ही है।
5. कन्या तो आपकी ही है।
 वाक्य
1. क्या सब कानून आपके ही माने जाएँगे?
2. क्या सारा ज्ञान आज ही देंगे?
3. क्या आप मुझे विद्यालय से निकाल ही दोगे?
4. क्या फुटबॉल लड़कें ही खेलते हैं?
5. क्या रमेश राजनैतिक पत्रिका ही पढ़ता है?
2. नीचे दिए गए शब्दों के हिन्दी रूप लिखिए -
मुरौवत, आदमियत, अदीब, साडा, मायने, सरहद, अक्स, लबोलहजा, नफीस
शब्द हिन्दी रूप
 मुरौवत इंसानियत
 आदमियत मानवता
 अदीब साहित्यकार
  साडा  हमारा
 मायने अर्थ
 सरहद सीमा
 अक्स फोटो कॉपी
 लबोलहजा बोलने का ढंग
 नफीस सुरुचिपूर्ण
3. पंद्रह दिन यों गुज़रे कि पता ही नहीं चला-वाक्य को ध्यान से पढ़िए और इसी प्रकार के (यों, कि, ही से युक्त पाँच वाक्य बनाइए।)

उत्तर:-1. यों ही हम घर से निकलने वाले थे कि रिश्तेदार आ गए।
2. वह यों ही चला गया कि पता ही नहीं चला।
3. रोहन यों आया कि खबर ही न हुई।
4. भाई साहब ने यों ही बोल दिया कि कुछ काम नहीं किया।
5. कुछ वर्ष यों ही बीत गए कि पता ही नहीं चला।



Comments