NCERT Solutions Class 10 समकालीन भारत - 2 Chapter-6 (विनिर्माण उद्योग)

NCERT Solutions Class 10 समकालीन भारत - 2 Chapter-6 (विनिर्माण उद्योग)

NCERT Solutions Class 10 समकालीन भारत - 2 10 वीं कक्षा से Chapter-6 (विनिर्माण उद्योग) के उत्तर मिलेंगे। यह अध्याय आपको मूल बातें सीखने में मदद करेगा और आपको5 इस अध्याय से अपनी परीक्षा में कम से कम एक प्रश्न की उम्मीद करनी चाहिए। 
हमने NCERT बोर्ड की टेक्सटबुक्स हिंदी समकालीन भारत - 2 के सभी Questions के जवाब बड़ी ही आसान भाषा में दिए हैं जिनको समझना और याद करना Students के लिए बहुत आसान रहेगा जिस से आप अपनी परीक्षा में अच्छे नंबर से पास हो सके।
Solutions Class 10 समकालीन भारत - 2 Chapter-6 (विनिर्माण उद्योग)
एनसीईआरटी प्रश्न-उत्तर

Class 10 समकालीन भारत - 2

पाठ-6 (विनिर्माण उद्योग)

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

पाठ-6 (विनिर्माण उद्योग)

पृष्ठ संख्या: 84

अभ्यास

 बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) निम्न में से कौन-सा उद्योग चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त करता है? 

(क) एल्यूमिनियम

(ख) चीनी

(ग) सीमेंट

(घ) पटसन

उत्तर (ग) सीमेंट

(ii) निम्न में से कौन-सी एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील को बाजार में उपलब्ध कराती है?

(क) हेल (HAIL)

(ख) सेल (SAIL)

(ग) टाटा स्टील

(घ) एम एन सी सी (MNCC)

उत्तर (ख) सेल (SAIL)

(iii) निम्न में कौन-सा उद्योग बाक्साइट को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करता है?

(क) एल्यूमिनियम

(ख) सीमेंट

(ग) पटसन

(घ) स्टील

उत्तर (क) एल्यूमिनियम

(iv) निम्न में से कौन-सा उद्योग दूरभाष, कम्प्यूटर आदि संयंत्र निर्मित करते हैं?

(क) स्टील  

(ख) एल्यूमिनियम  

(ग) इलेक्ट्रॉनिक्स  

(घ) सूचना प्रौद्योगिकी

उत्तर (ग) इलेक्ट्रॉनिक्स

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) विनिर्माण क्या है?

उत्तर

कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण कहा जाता है।

(ii) उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक बताएँ।

उत्तर

उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक:-

→ कच्चे माल की उपलब्धता।

→ उपयुक्त जलवायु।

→ जल और बिजली की आपूर्ति की उपलब्धता।

(iii) औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक बताएँ।

उत्तर

औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक हैं:-

→ सस्ते श्रमिकों की उपलब्धता।

→ बाजार की उपलब्धता।

→ सरकारी नीतियाँ। 

(iv) आधारभूत उद्योग क्या है? उदाहरण देकर बताएँ।

उत्तर

जिन उद्योगों के उत्पादन या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हैं आधारभूत उद्योग कहलाते हैं, जैसे- लोहा-इस्पात उद्योग, जो ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए स्टील की आपूर्ति करता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) समंवित इस्पात उद्योग मिनी इस्पात उद्योगों से कैसे भिन्न है? इस उद्योग की क्या समस्याएँ हैं? किन सुधारों के अंतर्गत इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ी है? 

उत्तर

समंवित इस्पात उद्योग एक बड़ा उद्योग होता है जिसमें कच्चे माल को एक स्थान पर एकत्रित करने से लेकर इस्पात बनाने उसे ढालने और उसे आकर देने की प्रत्येक क्रिया की जाती है।

जबकि मिनी इस्पात उद्योग छोटे उद्योग हैं जिनमें विद्युत् भट्टी, रद्दी इस्पात व स्पंज आयरन का प्रयोग होता है| इनमें रि-रोलर्स होते हैं जिनमें इस्पात सिल्लियों का इस्तेमाल किया जाता है| ये हलके स्टील या निर्धारित अनुपात के मृदु व मिश्रित इस्पात का उत्पादन करते हैं।

इस्पात उद्योगों की समस्याएँ-

→ उच्च लागत तथा कोकिंग कोयले की सीमित उपलब्धता।

→ कम श्रमिकों की उत्पादकता।

→ ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति।

→ अविकसित अवसंरचना।

उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निम्नलिखित सुधार किए गए हैं-

→ उदारीकरण।

→ निजी उद्यमियों के प्रयासों के साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)।

→ नई प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से उत्पादन प्रक्रिया में सुधार।

(ii) उद्योग पर्यावरण को कैसे प्रदूषित करते हैं?

उत्तर

उद्योग चार प्रकार के प्रदूषण के लिए उत्तरदायी हैं- वायु, जल, भूमि और ध्वनि। इनके निम्नलिखित कारण हैं:- 

→ वायु प्रदूषण- अधिक अनुपात में अनचाही गैसों की उपस्थिति जैसे सल्फर डाइऑक्साइड तथा कार्बन मोनोऑक्साइड वायु प्रदूषण का कारण हैं।

→ जल प्रदूषण- उद्योगों द्वारा कार्बनिक तथा अकार्बनिक अपशिष्ट पदार्थों के नदी में छोड़ने से जल प्रदूषण फैलता है।

→ तापीय प्रदूषण- जब कारखानों तथा तापघरों से गर्म जल को बिना ठंडा किये ही नदियों तथा तालाबों में छोड़ दिया जाता है, तो जल में तापीय प्रदूषण होता है।

→ परमाणु उर्जा के संयंत्रों के अपशिष्ट व परमाणु शास्त्र उत्पादक कारखानों से कैंसर, जन्मजात विकार तथा अकाल प्रसव जैसी बीमारियाँ होती हैं।

→ मलबे का ढेर विशेषकर काँच, हानिकारक रसायन, औद्योगिक बहाव, पैकिंग, लवण तथा कूड़ा-कर्कट मृदा को अनुपजाऊ बनाता है।

→ औद्योगिक तथा निर्माण कार्य, कारखानों के उपकरण, जेनरेटर, लकड़ी चीरने के कारखाने, गैस यांत्रिकी तथा विद्युत् ड्रिल आदि मशीनों के कारण ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न होता है।

(iii) उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न उपायों की चर्चा करें।

उत्तर

उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न उपाय निम्नलिखित हैं-

→ जल प्रदूषण के नियंत्रण के लिए औद्योगिक अपशिष्ट का शोधन तीन चरणों में किया जा सकता है- यांत्रिक साधनों द्वारा प्राथमिक शोधन, जैविक प्रक्रियाओं द्वारा द्वितयीक शोधन तथा जैविक, रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा तृतीयक शोधन।

→ वायु प्रदूषण कम करने के लिए कारखानों में ऊँची चिमनियाँ, चिमनियों में एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपण, स्क्रबर उपकरण तथा गैसीय प्रदूषक पदार्थों को जड़त्वीय रूप से प्रीथक करने के लिए उपकरण होने चाहिए।

→ ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए जेनरेटरों में साइलेंसर लगाया जाय तथा ऐसी मशीनरी का उपयोग किया जाना चाहिए जो ऊर्जा सक्षम हो और कम ध्वनि प्रदूषण करे। ध्वनि अवशोषित करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के साथ कानों पर शोर नियंत्रण उपकरण भी पहनने चाहिए।

पृष्ठ संख्या: 85

क्रियाकलाप

उद्योगों के सन्दर्भ में प्रत्येक के लिए एक शब्द दें। (सांकेतिक अक्षर संख्या कोष्ठक में दी गई है तथा उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में दें।)

(i) मशीनरी चलाने में प्रयुक्त।             (5) P............. 

(ii) कारखानों में काम करने वाले व्यक्ति।     (6) W.............

(iii) उत्पाद को जहाँ बेचा जाता है।           (6) M.............

(iv) वह व्यक्ति जो सामान बेचता है।        (8) R............

(v) वस्तु उत्पादन                        (7) P............

(vi) निर्माण या उत्पादन                    (11) M..........

(vii) भूमि,जल तथा वायु अवनयन             (9) P............

उत्तर

(i) Power

(ii) Worker

(iii) Market

(iv) Retailer

(v) Product

(vi) Manufacture

(vii) Pollution

एनसीईआरटी सोलूशन्स क्लास 10 समकालीन भारत - 2 पीडीएफ

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